MPPCS : Madhya Pradesh history facts in Hindi

 Madhya Pradesh Ancient, Medieval, Modern History Facts in Hindi


✓✓महत्वपूर्ण तथ्य

  • मध्य प्रदेश में अंग्रेजों के विरुद्ध सर्वप्रथम विद्रोह महाकौशल क्षेत्र में 1818 में हुआ।
  • 1833 में रामगढ़ के युवराज देवनाथ सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया, जो असफल रहा।
  • 1482 में दुराभि की संधि हुई।
  • 3 जून, 1857 को प्रदेश की नीमच छावनी के पैदल और घुड़सवार सैनिकों ने विद्रोह किया, जिसे कर्नल सी. बी. सोबर्स ने दबाया।
  • 14 जून, 1857 को ग्वालियर के निकट मोगरा छावनी के सैनिकों ने संचार व्यवस्था भंग कर थोड़े दिनों के लिए ग्वालियर पर अधिकार कर लिया।
  • जुलाई, 1857 में विद्रोहियों से बचाने के लिए कर्नल डॅयूरेण्ड, कर्नल स्टाकतो ट्रेबर्न, कैप्टन लुडओ व कोब को भोपाल की बेगम सिकंदर ने शरण दी थी।
  • दिल्ली के शहजादा हुमायूं ने 1857 में मंदसौर में एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की और फिरोजशाह नाम धारण किया था।
  • 22 मई, 1858 को कालपी में यूरोज की सेना पर लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने आक्रमण किया।
  • मंडला जिले की रियासत रामगढ़ की रानी अवंतीबाई ने देवहारगढ़ के जंगलों में 20 मार्च, 1858 को अपनी अंगरक्षिका गिरधारी बाई की कटार से खुद को मार लिया था।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885 में स्थापित) की मध्य प्रदेश में वास्तविक हलचल 1904 में शुरू हुई। डॉ. हरि सिंह गौड़ ने 1940 में अंग्रेजी शिक्षा पद्धति की कटु आलोचना की।
  • कांग्रेस का प्रांतीय अधिवेशन मध्य प्रदेश में 1906 में जबलपुर में आयोजित हुआ।
  • 1907 में क्रांतिकारी दल तथा 1915 में होमरूल लीग की स्थापना जबलपुर में की गई।
  • स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत मध्य प्रदेश में 1916 में सिवनी जिले में हुई।
  • कांग्रेस के खिलाफत आंदोलन के नेता अब्दुल जब्बार खां थे, जबकि असहयोग आंदोलन के नेता प्रभाकर डुण्डीराज थे।
  • जबलपुर में झण्डा सत्याग्रह का नेतृत्व देवदास गांधी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद तथा राजगोपालाचार्य ने किया।
  • 6 अप्रैल, 1930 को जबलपुर में सेठ गोविंद दास एवं पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र ने नमक सत्याग्रह की शुरुआत की।
  • सिवनी में नमक सत्याग्रह के नेता दुर्गाशंकर मेहता थे।
  • 1930 में जबलपुर में जंगल सत्याग्रह की शुरुआत हुई।
  • जंगल सत्याग्रह के दौरान घोड़ा डोगरी क्षेत्र के आदिवासी कंधे पर कम्बल डालकर तथा हाथ में लाठी लेकर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देते थे। गंजन सिंह कोरकू इनके नेता थे।
  • 1931 में रतलाम में स्त्री सेवादल की स्थापना की गई।
  • 1920 में रतलाम कांग्रेस कमेटी की स्थापना स्वामी ज्ञानानन्द के नेतृत्व में हुई। मोहम्मद उमर खान इसके प्रथम अध्यक्ष थे।
  • 1934 में भोपाल रियासत में मौलाना तर्जी मशरिकी खान व शाकिर अली खां ने 'अन्जुमन खुद्दामे वतन' की स्थापना की।
  • 1934 में भोपाल राज्य हिंदू सभा की स्थापना पं. चतुर नारायण मालवीय, डॉ. जमुना मुखरैया, लक्ष्मी नारायण सिंह, पं. उद्धव दास मेहता के सहयोग से की गई।
  • 1935 में रतलाम में 'प्रजा परिषद' का गठन हुआ।
  • 1938 में स्थापित भोपाल राज प्रजामंडल ने खुले अधिवेशन में नागरिक स्वतंत्रता की मांग रखी।
  • महात्मा गांधी ने द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारंभ होने पर 1939 में जबलपुर में अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।
  • 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत ग्वालियर रियासत ने विदिशा से की।
  • 'झण्डा सत्याग्रह' में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मामले में पं. सुन्दर लाल को छः मास के कारावास की सजा हुई थी।
  • मध्य प्रदेश की सिवनी जेल में सुभाष चन्द्र बोस, शरद चन्द्र बोस, आचार्य विनोबा भावे, पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र, एच.वी. कामथ जैसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को बन्द किया गया था।
  • भील बाहुल्य झाबुआ जिले में भी विदेशी वस्तु बहिष्कार जैसे आंदोलन चलाए गए।
  • तिलक के नेतृत्व में 1891 में नागपुर में सम्पन्न अधिवेशन में मध्य प्रांत व मालवा में अनेक स्थानों पर गणेश उत्सव एवं शिवाजी उत्सव के आयोजन करने का फैसला हुआ।
  • 1885 में गठित कांग्रेस समिति में मध्य भारत से बापूराव, दादा किनखेड़े, गंगाधर चिटनिस, गोपाल हरिभिडे और अब्दुल अजीज ने भाग लिया था।
  • 1937 में भोपाल राज्य हिंदू सभा के अधिवेशन में मास्टर लाल सिंह, पं. उद्धव दास मेहता व डॉ. जमुना प्रसाद मुखरैया गिरफ्तार किए गए थे।
  • ग्वालियर के सिंधिया, इंदौर के होल्कर व भोपाल के नवाब ने 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों का साथ दिया था।
  • भोपाल का नवाब हमीदुल्ला खां दो बार चैंबर ऑफ प्रिंसेज का अध्यक्ष बनाया गया था।
  • तात्या टोपे को अप्रैल, 1859 में सिंधिया के एक सामंत मान सिंह ने पकड़ा था। अंग्रेजों ने तात्या टोपे को शिवपुरी में फांसी पर लटका दिया।


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