राज्य सेवा परीक्षा-2021परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम
परीक्षा-योजना (Exam Pattern)
1. राज्य सेवा परीक्षा के तीन क्रमिक चरण होंगे
(1) राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रश्न ओ.एम.आर.शीट आधारित)।
(2)राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (लिखित वर्णनात्मक)।
(3)साक्षात्कार।
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा
2. प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय प्रश्न) के दो प्रश्न पत्र होंगे। प्रत्येकप्रश्नपत्र की रचना निम्नलिखित योजनानुसार की जाएगी :-
I. प्रथम प्रश्न पत्र - सामान्य अध्ययन (2 घंटे-200 अंक
II. द्वितीय प्रश्न पत्र - सामान्य अभिरुचि परीक्षण (2 घंटे-200 अंक)
© यह परीक्षा केवल छानबीन परीक्षण (Eligibility Test) के रूप में ली जाती है। इस
परीक्षा में प्राप्त अंको के आधार पर अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा हेतु योग्य/ अर्ह घोषित
किया जाता | अंतिम चयन सूची केवल मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंको के आधार पर निर्मित की जाएगी। दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार (बहुविकल्पीय प्रश्न) के होंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए चार सम्भावित उत्तर होंगे जिन्हें अ.ब.स और द में समूहीकृत किया जाएगा, जिनमें से एक सही उत्तर होगा। उम्मीदवार से अपेक्षा की जाती है कि वह उत्तर पुस्तिका में उसके द्वारा निर्णित सही माने गये अ.ब.स या द में से केवल एक उत्तर पर चिह्न लगाए।
© प्रत्येक प्रश्नपत्र में 2-2 अंक के 100 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्नपत्र की समयावधि 2
घंटे होगी।
© प्रारंभिक परीक्षा हेतु सामान्य अध्ययन तथा सामान्य अभिरुचि-परीक्षण के विस्तृत
पाठ्यक्रम परिशिष्ट-दो में यथा विनिर्दिष्ट हैं।
© प्रत्येक प्रश्न पत्र हिन्दी तथा अंग्रेजी में होगा।
© प्रारंभिक परीक्षा उपरांत परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों और उसके मॉडल उत्तरों की
कुंजी तैयार कर आयोग की वेबसाइट www.mppsc.nic.in तथा www.mppsc.com
पर प्रकाशित कर ऑनलाइन पद्धति से 07 दिवस की अवधि में आपत्तियाँ प्राप्त की
जाएँगी। अभ्यर्थी प्रति प्रश्न आयोग द्वारा निर्धारित शुल्क तथा पोर्टल शुल्क का भुगतान
कर ऑनलाइन आपत्तियाँ जमा कर सकेंगे। 07 दिवस के निर्धारित अवधि के पश्चात्
किसी भी अभ्यावेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा विचार किया जायेगा। समिति द्वारा
आपत्तियों पर विचार कर निम्नलिखित अनुसार कार्यवाही की जायेगी :-
1. ऐसे प्रश्न जिनका प्रावधिक उत्तर कुंजी में दिये गये विकल्पो में से गलत उत्तर दिया गया है और विकल्पों में अन्य विकल्प सही है तब प्रावधिक उत्तर-कुंजी को संशोधित किया जाएगा।
2. प्रश्न के हिन्दी तथा अंग्रेजी अनुवाद में भिन्नता की स्थिति में केवल हिन्दी अनुवाद ही मान्य होगा।
3. ऐसे प्रश्न जिसका दिये गये विकल्पों में एक से अधिक सही उत्तर हैं, सभी सही उत्तरों को मान्य किया जायेगा।
4. ऐसे प्रश्न जिसका दिये गये विकल्पों में एक भी सही उत्तर न हो को प्रश्न पत्र से
विलोपित किया जायेगा।
5. विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा समस्त अभ्यावेदनों पर विचार करने के पश्चात् अंतिम उत्तर-कुंजी बनाई जायेगी तथा आयोग द्वारा वेबसाइट www.mppsc.nic.in,www.mppscdemo.in तथा www.mppsc.com पर प्रकाशित की जायेगी। अंतिम
उत्तर कुंजी के प्रकाशन के पश्चात् कोई भी आपत्ति/पत्र-व्यवहार मान्य नहीं किया जायेगा। विषय-विशेषज्ञ समिति का निर्णय अंतिम होगा।
6. उपरोक्तानुसार समिति द्वारा विलोपित किए गए प्रश्नों को छोड़कर शेष प्रश्नों के आधार पर अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार अभ्यर्थियों का मूल्यांकन
कर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा।
5. चयनित अभ्यर्थियों की संख्या कुल रिक्त पदों की संख्या के प्रवर्गवार अधिकतम 20 गुना होगी। समान अंक प्राप्त (प्रवर्गवार) उम्मीदवारों को भी मुख्य परीक्षा हेतु अई घोषित किया जाएगा। केवल वे ही उम्मीदवार, जिन्हें आयोग ने संबंधित विज्ञापन के अधीन प्रारंभिक परीक्षा में अर्ह घोषित किया हो, मुख्य परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए पात्र होंगे। मुख्य परीक्षाकी पात्रता हेतु उम्मीदवार को प्रारंभिक परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवार हेतु न्यूनतम अर्हकारी अंक 30 प्रतिशत होंगे।
1. राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का द्वितीय प्रश्नपत्र केवल क्वालीफाइंग स्वरूप का होगा।
2. द्वितीय प्रश्न पत्र में प्राप्त अंकों को प्रारंभिक परीक्षा परिणाम हेतु गुणानुक्रम-निर्धारण में
शामिल नहीं किया जाएगा।
3. राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम भी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के समान ही
होगा।
4. राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट सूची प्रथम व द्वितीय दोनों प्रश्न पत्रों के
प्राप्तांको को जोड़कर तैयार की जाएगी।
राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षापाठ्यकम
प्रथम प्रश्न पत्र - सामान्य अध्ययन (Questions Paper - General Studies)
1. मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य
• मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ, प्रमुख राजवंश।
. स्वतंत्रता आन्दोलन में मध्यप्रदेश का योगदान।
• मध्यप्रदेश की प्रमुख कलाएँ एवं स्थापत्य कला।
• मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियों एवं बौलियौँ ।
• प्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएँ एवं लोक-साहित्य ।
• मध्यप्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियों ।
• मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल।
• मध्यप्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व
2. भारत का इतिहास
• प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी
प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ।
• 19वी एवं 20वी शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन।
• स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
+ स्वतंत्रता के पश्चात् भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन।
3. मध्यप्रदेश का भूगोल
• मध्यप्रदेश के वन, वनोपज, वन्यजीव, नदियों, पर्वत एवं पर्वत श्रृखलाएँ।
• मध्यप्रदेश की जलवायु।
• मध्यप्रदेश के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधन |
• मध्यप्रदेश में परिवहन।
• मध्यप्रदेश की प्रमुख सिंचाई एवं विद्युत परियोजनाएँ।
• मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं कृषि आधारित उद्योग।
4. भारत एवं विश्व का भूगोल
• भौतिक भूगोल:- भौतिक विशेषताएँ और प्राकृतिक प्रदेश।
प्राकृतिक संसाधनः- वन, खनिज संपदा, जल, कृषि, वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान
/ अभ्यारण्य/सफारी।
• सामाजिक भूगोलः- जनसंख्या संबंधी/जनांकिकी (जनसंख्या वृद्धि, आयु,
लिंगानुपात, साक्षरता एवं आर्थिक गतिविधियों )।
• आर्थिक भूगोलः- प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधन (उद्योग, यातायात के साधन)।
• विश्व के महाद्वीप/देश/महासागर/नदियाँ / पर्वत।
• विश्व के प्राकृतिक संसाधन ।
• परंपरागत एवं गैर परंपरागत ऊर्जा स्त्रोत।
5. (अ) राज्य की संवैधानिक व्यवस्था
* मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था (राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च
न्यायालय)
• मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था।
(ब) राज्य की अर्थ व्यवस्था
• मध्यप्रदेश की जनांनिकि एवं जनगणना।
• मध्यप्रदेश का आर्थिक विकास ।
• मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योग।
• मध्यप्रदेश की जातियाँ, अनुसूचित जातियाँ एवं जनजातियों तथा राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ।
6. भारत का संविधान शासन प्रणाली एवं अर्थ व्यवस्था
• भारतीय शासन अधिनियम 1919 एवं 19351
• संविधान सभा।
• संघीय कार्यपालिका, राष्ट्रपति एवं संसद।
• नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धात।
• संवैधानिक संशोधन।
• सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था।
• भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और विदेशी व्यापार, आयात एवं निर्यात । वित्तीय संस्थाएँ - रिजर्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, SEBI/NSE/ गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान।
7. विज्ञान एवं पर्यावरण
• विज्ञान के मौलिक सिद्धांत ।
• भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियाँ, उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी।
• पर्यावरण एवं जैव-विविधता।
• पारिस्थितिकीय तंत्र।
• पोषण, आहार एवं पोषक तत्व ।
• मानव शरीर संरचना।
कृषि उत्पाद तकनीक
• खाद्य प्रसंस्करण।
• स्वास्थ्य नीति एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम ।
• प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबंधन ।
8. अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ
• महत्वपूर्ण व्यक्तित्व एवं स्थान।
महत्वपूर्ण घटनाएँ।
• भारत एवं मध्यप्रदेश की प्रमुख खेल संस्थाएँ, खेल प्रतियोगिताएँ एवं पुरस्कार |
9. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
• इलेक्ट्रॉनिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी।
• 'रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं' सायबर सिक्यूरिटी।
• ई-गवर्नेन्स।
• इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग साईट्स।
• ई-कॉमर्स
10. राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/सांविधिक संस्थाएँ
• भारत निर्वाचन आयोग ।
• राज्य निर्वाचन आयोग ।
• संघ लोक सेवा आयोग।
• मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग।
• नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक।
• नीति आयोग।
• मानवाधिकार आयोग ।
• महिला आयोग।
• बाल संरक्षण आयोग।
• अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग।
• पिछडा वर्ग आयोग
• सूचना आयोग।
• सतर्कता आयोग।
• राष्ट्रीय हरित अधिकरण।
• खाद्य संरक्षण आयोग इत्यादि।
राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षापाठ्यकम
द्वितीय प्रश्न पत्र - सामान्य अभिरूचि परीक्षण
1. बोधगम्यता
2. संचार कौशल सहित अंतर- वैयक्तिक कौशल
3. तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
4. निर्णय लेना एवं समस्या समाधान
5. सामान्य मानसिक योग्यता
6. आधारभूत संख्ययन (संख्याएँ एवं उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि- दसवीं कक्षा का स्तर)
आँकडों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि-दसवीं कक्षा का स्तर)
7. हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर)
टिप्पणी : दसवीं कक्षा के स्तर के हिन्दी भाषा के बोधगम्यता कौशल से संबंधित प्रश्नों का परीक्षण, प्रश्नपत्र
में केवल हिन्दी भाषा के उद्धरणों के माध्यम से. अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध कराए बिना किया
जाएगा।